सूर्य ग्रह से व्यवसाय का निर्धारण!

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लेखक: सोनू शर्मा

व्यवसाय का निर्धारण हमारी योग्यता पर निर्भर करता है लेकिन इसके साथ साथ हमारी कुंडली में स्थित ग्रहों की स्थिति, उनके बल व उस ग्रह पर कौनसे ग्रह की दृष्टि या युति है, ये सब बाते भी महवत्पूर्ण भूमिका निभाते है । दशम भाव, दशमेश, दशम भाव में स्थित ग्रह, दशम भाव पर किन ग्रहों का प्रभाव पड़ रहा है, इन सब से भी व्यक्ति के व्यवसाय के बारे में जाना जा सकता है ।

सूर्य ग्रह से सम्बंधित व्यवसाय होते है; सोने या जेवर का काम, दवाइयों का काम, अध्ययन या अनाज से सम्बंधित काम, पिता द्वारा मिली विरासत, सरकारी नौकरी, डॉक्टर इत्यादि ।यदि कुंडली में सूर्य बलवान हो तो व्यक्ति सरकार द्वारा अनेक लाभ प्राप्त कर सकता है और यदि सूर्य की स्थिति कुंडली में सामान्य हो तो व्यक्ति राज्य का अधिकारी हो सकता है । यदि लग्न या लग्नेश चंद्र की राशि के साथ सम्बन्ध स्थापित कर रहे हो तो व्यक्ति को कोई सम्मानीय मंत्री पद मिल सकता है या किसी मंत्रालय का कार्य भार सँभालने का अवसर मिल सकता है । सूर्य अग्नि तत्व की राशि है, यदि सूर्य के साथ मंगल और केतु हो तो व्यक्ति अग्नि सम्बंधित कार्य जैसे की बंदूक या तोप का कार्य, बिजली के सामान का व्यवसाय इत्यादि कार्य कर सकता है ।

सूर्य के साथ चंद्र का सम्बन्ध हो तो जातक मनोवैज्ञानिक या राजनीती से सम्बन्ध रखता है । सूर्य आत्मा का कारक होने से व्यक्ति सिद्धांतवादी होता है, सरकारी पद पर या किसी भी कार्य क्षेत्र में हो वह कठोर अनुशासन रखने वाला होता है । इसी प्रकार अलग अलग ग्रहों या भावो से सम्बन्ध बनाकर सूर्य के द्वारा व्यवसाय का निर्धारण किसी जा सकता है ।