जन्मकुंडली में पायलट बनने के योग!

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लेखक: सोनू शर्मा

प्रत्येक व्यक्ति चाहता है की वह ऐसा व्यवसाय चुने जिसमे पैसे के साथ साथ सम्मान भी मिले । आजकल पायलट या एयरहोस्टेस बनना लोगो की पहली पसंद है, इसके लिए साहस व मेहनत के साथ साथ हमारी कुंडली में योगों का होना भी जरुरी है । कुछ योग ऐसे होते है जिसके द्वारा हम जान सकते है की वह व्यक्ति इस व्यवसाय में जा सकता है या नहीं ।

सबसे पहले लग्न, तृतीय भाव जो पराक्रम व छोटी यात्राओं का भाव है, चतुर्थ भाव वाहन से सम्बंधित है, सप्तम भाव तथा बारहवा भाव विदेश यात्रा से सम्बंधित होता है, दशम भाव व्यवसाय भाव तथा नवम भाव लम्बी यात्राओं का भाव होता है, इनका आपस में सम्बन्ध होना चाहिए तथा राहु, शनि, सूर्य, केतु तथा शुक्र ग्रह का भी सम्बन्ध होना चाहिए, तब पायलट होने का योग बनता है । जानते है ऐसी ही कुछ योगों के बारे में –

1) यदि किसी की कुंडली में बारहवे भाव का सम्बन्ध पंचम भाव के स्वामी से हो रहा हो तथा नवम व दशम भाव का सम्बन्ध तृतीयेश या अष्टमेश से हो रहा हो तो व्यक्ति पायलट होता है ।

2) तुला लग्न में लग्नेश शुक्र यदि नवम भाव में शनि व राहु से युति करे तो यह पायलट बनने का योग है ।

3) धनु लग्न में चतुर्थ भाव में शुक्र, चंद्र, बुध व केतु की युति हो तथा गुरु बारहवे भाव में हो तथा शनि लग्न में हो तो यह विदेश यात्रा व पायलट बनने का योग है ।

4) जब शुक्र और राहु का सम्बन्ध लग्न से, तृतीय भाव से, दशम भाव से, पंचम, अष्टम या बारहवे भाव से हो तथा लग्नेश का सम्बन्ध भी इन सब भावों से हो तो व्यक्ति की रूचि इस व्यवसाय में होती है ।