वास्तु के हिसाब से बच्चों के पढ़ने का कमरा कैसा होना चाहिए !

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लेखक: सोनू शर्मा

वास्तु के हिसाब से बच्चों के पढ़ने का कमरा कैसा होना चाहिए !

कुछ आसान वास्तु टिप्स के प्रयोग से आप अपने बच्चे की पढाई में दिलचस्पी तथा स्मरण शक्ति बढ़ा सकते हैं -

१) घर में अध्ययन कक्ष ईशान कोण अथवा पूर्व या उत्तर दिशा में बनवाना चाहिए । पास में शौचालय नहीं होना चाहिए

२) दीवारों पर हलके रंग का पेंट करवाएं , हल्का गुलाबी, हरा, पीला या आसमानी ।

३) किताबों की अलमारी को पूर्व या उत्तर दिशा में रखे तथा उसे हमेशा साफ़ रखें ।

४) पढ़ने की टेबल पूर्व या उत्तर दिशा में रखें और पढ़ते समय मुख उत्तर या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए क्यों की उत्तर ओर पूर्व दिशा पॉजिटिव एनर्जी प्रदान करती हैं तथा स्मरण शक्ति को बढ़ाती हैं ।

५) पढ़ते समय पीठ के पीछे दीवार होनी चाहिए, पीठ के पीछे कोई खिड़की या दरवाजे नहीं होने चाहिए, इससे

एकाग्रता भंग होती हैं ।

६) पढ़ने की टेबल स्क्वायर, रेक्टेंगल या राउंड होने चाहिए और टेबल के कोने टूटे हुए नहीं होने चाहिए ।

७) पढ़ने के कमरे में पुरानी किताबें और नोट्स नहीं होने चाहिए तथा किताबों को ठीक से रखना चाहिए ।

८) कभी भी शीशे के सामने बैठकर नहीं पढ़ना चाहिए, किताबों की प्रतिछाया शीशे में दिखने से बच्चों के दिमाग पर दबाव पढ़ता हैं ।

९) कमरे में रौशनी और प्राकृर्तिक उजाला होना बहुत जरुरी हैं, इससे पॉजिटिव एनर्जी मिलती हैं ।

१०) पढ़ने की टेबल पर टेबल लैंप रखने से एकाग्रता बढ़ती हैं ।

११) पढ़ाई के कमरे में दोड़ते हुए घोड़े की तस्वीर लगाना बहुत शुभ होता हैं ।

१२) कमरे के ईशान भाग में माता सरस्वती का चिन्ह लगाना चाहिए ।