बुध ग्रह से व्यवसाय का निर्धारण!

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लेखक: सोनू शर्मा

अन्य ग्रहों की तरह बुध ग्रह की अपनी अलग विशेषताएँ होती है, बुध ग्रह का किस ग्रह से सम्बन्ध हैं, किन ग्रहों की युति व दृष्टि सम्बन्ध हैं तथा दशम भाव व भावेश से सम्बन्ध के अनुसार ही व्यक्ति कौन का व्यवसाय करेगा इस बात का निर्धारण होता हैं ।

बुध ग्रह से सम्बंधित व्यवसाय शिल्पकार, वास्तुकार, ग्रामाद्योग, लेखन, ज्योतिष, अंतरिक्ष विज्ञान, पत्रकारिता, गणित, कविता, कला, चित्रकारी, इत्र उद्योग, रिपोटर, शिक्षक, वैज्ञानिक, मैनेजर, अख़बार लेखन इत्यादि व्यवसाय बुध के कार्य क्षेत्र हैं । इन सबके  लिए बुध का शुभ होना बहुत जरुरी हैं ।

यदि बुध के साथ मंगल का सम्बन्ध बनता हैं तो व्यक्ति आर्थिक संस्थान का व्यवसाय करता हैं । वही बुध और शनि; रसायन, विज्ञान तथा प्रशासन के क्षेत्र में जाता हैं । बुध और शनि की युति हो तो व्यक्ति उद्योगों से पैसा कमाता हैं तथा बुध और राहु की युति हो तो वह यंत्रो से सम्बंधित कार्य करवाता हैं, गुरु और बुध के सम्बन्ध से व्यक्ति किसी संस्थान के माध्यम से धन कमाता हैं, वह किसी स्कूल या कॉलेज का मालिक होता हैं ।

जब किसी जातक की कुंडली में बुध का सम्बन्ध चौथे भाव के स्वामी, पाँचवे भाव के स्वामी तथा शुक्र से साथ सम्बन्ध बने तथा बुध दशम भाव से सम्बन्ध बनाए तब व्यक्ति कलात्मक अभिव्यक्ति तथा मनोरंजक अभिव्यक्ति के द्वारा पैसा कमाता हैं ।

बुध लेखन से सम्बंधित ग्रह हैं, यदि इसका सम्बन्ध सूर्य से बनता हैं तो व्यक्ति किसी ऐसी संस्थान से सम्बन्ध रखता हैं जहाँ लेखन का कार्य होता हो जैसे लेखन अधिकारी या किसी भी भाषा में लेखन कार्य करना । यदि कुंडली में बुध और शुक्र दोनों ग्रह शुभ स्थिति में हो तो व्यक्ति किसी भी प्रकार का कपडे से सम्बंधित व्यवसाय कर सकता हैं ।