सावन में रूद्राभिषेक  का महत्व!

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लेखिका : रजनीशा शर्मा

सावन में रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है सावन में ऐसा माना जाता है की भगवान शिव पृथ्वी पर निवास करते है अतः इस समय किसी तिथि विशेष के विचार की आवश्यकता नहीं रहती | सावन में रुद्राभिषेक का कई गुना फल प्राप्त होता है और निश्चय ही मनोकामना पूर्ण होती है| भगवान शिव की यह पूजा विधि किसी भी प्रकार की मनोकामना पूर्ण करने में समर्थ है | पूजा तो जानकार पंडितो के माध्यम से ही होती है | किन्तु आप सावन में भगवान शिव का अभिषेक घर पर ही कर सकते है कुछ विशेष वस्तुओं से पूजा करने पर उसका मनोवांछित परिणाम प्राप्त होता है | पूजा मंदिर में करे तो सबसे अच्छे परिणाम प्राप्त होते है परन्तु आप घर पर भी पूजा कर सकते है -

* सर्वप्रथम भगवान शिव का जल से अभिषेक किया जाता है जल से अभिषेक करने पर वृष्टि होती है और गंगा जल से अभिषेक करने पर स्वास्थ्य लाभ होता है |

* गाय के  दूध से अभिषेक करने पर संतान सुंदर और स्वस्थ होती है |

* गाय के शुद्ध घी से अभिषेक करने से भी रोग से मुक्ति मिलती है |

*  सभी तीर्थो का जल लाकर उससे सावन माह में भगवान् शिव का अभिषेक करने से  भगवान् शिव अपने भक्त को मोक्ष प्रदान करते है |

* रुद्राभिषेक करने से वंश का विस्तार होता है | निःसंतान दम्पत्ति इस पूजा के माध्यम से अपने वंश का विस्तार कर सकते है |

* सरसो के तेल का दीपक भगवान शिव के सामने जलाने से शत्रु पराजित होते है |

* जल में दूध और शक़्कर डाल कर भगवान  शिव का अभिषेक करने से बुद्धि का विस्तार होता है |

* सुगंधित जल से अभिषेक करने पर आरोग्य प्राप्त होता है |

* शहद से अभिषेक करने से धन लाभ होता है |

* दही से अभिषेक करने से अचल सम्पत्ति की प्राप्ति होती है |

* भगवान शिव  को धतूरा ,बिल्वपत्र और भांग भी प्रिय है | सावन में बिल्वपत्र चढ़ाने का विशेष महत्व है | बिल्वपत्र में तीन पत्तिया एक ही मूल में जुडी रहती है इस कारण इस पत्र को भगवान शिव के त्रिनेत्र के समान समझा जाता है और यह भगवान शिव के त्रिशूल का भी प्रतीक है |

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