कुंडली के कौन से योग बनाते हैं लेखक!

359.jpg

लेखक: सोनू शर्मा

कुछ व्यक्तियों का रुझान बचपन से लेखन की ओर होता है चाहे वह कविता, कहानी, लेख या नॉवेल हो उनको अपने विचारों को अभिव्यक्त करने में सुकून की अनुभूति होती है । कुंडली में कुछ ऐसे योग विद्यमान होते है जो व्यक्ति को सफल लेखक बनाते है । लेखक बनने में बुध ग्रह की विशेष भूमिका होती है क्योकि बुध वाणी, बुद्धि, तर्क का कारक है ।

बुध के साथ साथ चंद्र मन का कारक तथा गुरु ज्ञान कौशल का कारक होने से अच्छी स्थिति में तथा शुभ होने चाहिए । बुध ग्रह का तीसरे भाव से सम्बन्ध भी अच्छा लेखक होने में सहायक है । जानते है कुछ प्रमुख योगों के बारे में जो यक्ति को अच्छा लेखक बनाने में सहायक होते है -
१) सरस्वती योग - यदि कुंडली में गुरु शुभ हो, शुक्र तथा बुध केंद्र अथवा त्रिकोण में युति करें या अलग - अलग भाव में स्थित हो तो सरस्वती योग का निर्माण होता है । ऐसा व्यक्ति कवि तथा सभी विद्याओ में दक्ष हो सकता है ।
२) गंधर्व योग - यदि दशमेश, तृतीय, सप्तम या एकादश भाव में स्थित हो, लग्नेश तथा गुरु की युति हो, सूर्य उच्च का, स्वराशि या मित्र राशि में स्थित हो तथा चंद्र नवम भाव में स्थित हो तो यह गंधर्व योग बनता है ।
३) शारदा योग - दशम भाव का स्वामी पंचम भाव में स्थित हो तथा सूर्य बली होकर सिंह राशि में स्थित हो या दशम भाव का स्वामी पंचम भाव में स्थित हो ओर बुध व गुरु केंद्र में स्थित हो तथा सूर्य स्वराशि में स्थित हो तो शारदा योग का निर्माण होता है।
४) कलानिधि योग - यदि चर लग्न हो तथा नवमेश गुरु लग्न में स्थित हो तथा पंचमेश पंचम में स्थित हो तथा दशमेश ग्यारहवे भाव में स्थित हो तो कलानिधि योग होता है ।